Language Settings
Select Website Language
newshunt
newshunt

Foot Warning Signs: क्या आपके पैर भी रहते हैं ठंडे और सुन्न? कहीं ये बड़ी बीमारी का संकेत तो नहीं!

2 months ago

Early Signs Of Health Problems In Feet: आप रोज अपने पैरों पर चलते हैं, लेकिन अक्सर उनकी तरफ ध्यान तब जाता है जब दर्द शुरू हो जाए. सच यह है कि पैरों में दिखने वाले छोटे-छोटे बदलाव शरीर के अंदर चल रही बड़ी समस्याओं का संकेत हो सकते हैं. हर पैर में 26 हड्डियां और 100 से ज्यादा मांसपेशियां, टेंडन और लिगामेंट होते हैं, जो हमें संतुलन और चलने-फिरने में मदद करते हैं. इसलिए यहां होने वाले बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए. 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

डॉ. अनुज चावला, सीनियर डायरेक्टर, फुट एंड एंकल सर्जरी, फोर्टिस गुरुग्राम ने TOI को बताया कि "पैर शरीर का पूरा वजन संभालते हैं और हमारी रोजमर्रा की गतिविधियों को संभव बनाते हैं, लेकिन फिर भी इन्हें सबसे ज्यादा नजरअंदाज किया जाता है."

क्या होते हैं संकेत?

पैर कई बार शरीर के शुरुआती संकेत देने का काम करते हैं. ठंडे पैर या सुन्नपन ब्लड के सही फ्लो में कमी या नसों की समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं. एड़ियों का फटना या त्वचा का ज्यादा सूखा होना डिहाइड्रेशन या थायरॉयड गड़बड़ी से जुड़ा हो सकता है. टखनों में सूजन दिल, किडनी या लीवर पर दबाव का संकेत हो सकती है. वहीं नाखूनों का रंग या मोटाई बदलना फंगल इंफेक्शन या किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत देता है. 

डायबिटीज के मरीजों के लिए संकेत

डायबिटीज के मरीजों में ये संकेत और ज्यादा गंभीर हो जाते हैं. डॉ. चावला के अनुसार डायबिटीज में नसों को नुकसान, खून की सप्लाई कम होना और पैर की बनावट में बदलाव के कारण चोट का पता नहीं चलता, जिससे इंफेक्शन और घाव बढ़ जाते हैं. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो गैंग्रीन तक की स्थिति बन सकती है और पैर काटने तक की नौबत आ सकती है. इंडियन जर्नल ऑफ एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म में छपी स्टडी भी बताती है कि भारत में डायबिटीज से जुड़ी दिक्कतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिनमें पैर की समस्या अस्पताल में भर्ती होने का बड़ा कारण बन रही है.

इसे भी पढ़ें-Explained: मुंबई में तरबूज तो झारखंड में गोलगप्पे खाने से मौत! किन खानों से होती फूड पॉइजनिंग, आखिर खाएं क्या?

लाइफस्टाइल भी जिम्मेदार

आजकल पैरों की समस्याएं सिर्फ उम्र से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि हमारी लाइफस्टाइल भी इसका बड़ा कारण है. लंबे समय तक बैठना खून के प्रवाह को कम करता है, गलत जूते पहनने से मांसपेशियों और जोड़ों पर दबाव पड़ता है, बढ़ता वजन पैरों पर अतिरिक्त बोझ डालता है और फिजिकल एक्टिविटी से पैर कमजोर हो जाते हैं. फ्लैट फुट या हाई आर्च जैसी समस्याएं भी आम हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों को इसका पता ही नहीं चलता.

क्या होते हैं शुरुआती संकेत?

शुरुआत अक्सर छोटी होती है जैसे कि हल्का दर्द, सूजन या छाला. लेकिन नजरअंदाज करने पर यही समस्या गंभीर रूप ले सकती है. छोटा घाव इंफेक्शन में बदल सकता है, जोड़ों की जकड़न चलने-फिरने में दिक्कत पैदा कर सकती है और नसों की समस्या से संवेदनशीलता खत्म हो सकती है. डॉ. चावला कहते हैं कि समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी है, ताकि लंबे समय तक चलने-फिरने की क्षमता बनी रहे. अच्छी बात यह है कि अब इलाज के तरीके बेहतर हो चुके हैं और कम कट वाली सर्जरी से दर्द और रिकवरी का समय कम हो गया है.

हालांकि सबसे जरूरी है रोजमर्रा की देखभाल. रोज पैरों की जांच करें, सही फिटिंग वाले जूते पहनें, साफ-सफाई रखें, हल्की एक्सरसाइज करें और वजन व शुगर को कंट्रोल में रखें. छोटे-छोटे कदम ही लंबे समय तक चलने की आजादी देते हैं.

इसे भी पढ़ें-Heart Fights Cancer: दिल धड़क रहा है यानी कैंसर से लड़ रहा है, नई स्टडी से जागी उम्मीद

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Click here to Read More
Previous Article
Oral Cancer: युवाओं में तेजी से बढ़ रहा ओरल कैंसर का खतरा, तंबाकू-वेपिंग बन रहे जानलेवा, जानें लक्षण
Next Article
टीवी रिमोट ब्लूटूथ से क्यों नहीं चलते? वर्षों पुरानी वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

Related स्वास्थ्य Updates:

Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

Comments (0)

    Leave a comment

    //